Showing posts with label बुंदेलखंडी शब्द. Show all posts
Showing posts with label बुंदेलखंडी शब्द. Show all posts

Monday, January 21, 2019

बुंदेलखंडी शब्द

बुंदेली नामों को स्मरण लाती ग़ज़ल

मउआ,डुबरी,लटा भूल गए
दूद,महेरी,मठाभूल गए

कच्चौ आंगन ,पौर उसारौ
ठाट ,बडैरौ ,अटा भूल गए

कोयल पदी डार की अमियाँ
बरिया वारे जटा भूल गए

बारी लटकत भैंस तुरैया
बथुआ,भाजी ,भटा भूल गए

बसकारे के बड़े मेंदरे
काढे फिरत्ते गटा भूल गए

चटनी रोज पिसत्ति जीसें
अब तौ वे सिलबटा भूल गए

जोंन लगात हते द्वारे पै
कांटन वारे टटा भूल गए

                       🙂🙂

गाय के गोबर का महत्व

 आयुर्वेद ग्रंथों  में हमारे ऋषि मुनियों ने पहले ही बता दिया गया  था कि   *धोवन पानी पीने का वैज्ञानिक तथ्य और आज की आवश्यकता* वायुमण्डल में...