त्रिकालः षटद्रव्यानि तत्वा पदार्था: लेश्याषटकाया:।
व्रततसमितिगत्यस्तिश्चारित्र ज्ञानं ते मोक्षमूलं मंगलम् ।।
अर्थ-तीन काल, 6 द्रव्य, 9 पदार्थ,6 लेश्या, 24 जीव षटकाय,5 व्रत, 5 समिति, 4 गति, 5 अस्तिकाय ,5 ज्ञान, 5 चारित्र ये सभी मोक्ष के मूल हैं और मंगल हैं।
संत शिरोमणी आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज
व्रततसमितिगत्यस्तिश्चारित्र ज्ञानं ते मोक्षमूलं मंगलम् ।।
अर्थ-तीन काल, 6 द्रव्य, 9 पदार्थ,6 लेश्या, 24 जीव षटकाय,5 व्रत, 5 समिति, 4 गति, 5 अस्तिकाय ,5 ज्ञान, 5 चारित्र ये सभी मोक्ष के मूल हैं और मंगल हैं।
संत शिरोमणी आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

No comments:
Post a Comment